अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान- फिर शुरू आंदोलन; कॉकरोच फडणवीस सरकार के पीछे ही पड़े

कॉकरोच जनता पार्टी ने एक प्रेस रिलीज जारी की है। इसमें कहा गया है कि अभिजीत दीपके और CJP के दूसरे नेता महाराष्ट्र में आंदोलनरत छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे। फडणवीस सरकार के पीछे ही पड़े कॉकरोच!

अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान- फिर शुरू आंदोलन; कॉकरोच फडणवीस सरकार के पीछे ही पड़े
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कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके ने नया ऐलान कर दिया है। दीपके अब एक बार फिर छात्रों के साथ आंदोलन करेंगे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के बाद दीपके ने अपने साथियों के साथ एक बार फिर मैदान में उतरने की घोषणा की है। इस बार निशाने पर महाराष्ट्र की भाजपा नीत सरकार होगी। बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी बीते कुछ दिनों से अलग-अलग मुद्दों को लेकर लगातार फडणवीस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। अब पार्टी आंदोलन पर भी बैठेगी। CJP ने रविवार को इस सिलसिले में एक प्रेस रिलीज जारी की है। पार्टी ने इसमें बताया कि CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके और अन्य नेता महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित अलग-अलग ऑनलाइन परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में साथ शामिल होंगे। इससे पहले एमपीएससी के कुछ अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके स्थित दीपके के घर पर उनसे मुलाकात भी की थी। दे दिया अल्टीमेटम CJP ने विज्ञप्ति में कहा कि MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा। अगर 24 सितंबर तक मांग पूरी नहीं हुई, तो एमपीएससी अभ्यर्थियों से बातचीत करने के लिए राज्यव्यापी दौरा भी किया जाएगा। MPSC अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद दीपके ने एक वीडियो संदेश में कहा, ''मैं और CJP MPSC अभ्यर्थियों की इस लड़ाई में उनके साथ हैं। हम अभ्यर्थियों के साथ तब तक खड़े रहेंगे, जब तक इस्तीफा नहीं हो जाता।'' क्या मामला? यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब MPSC की परीक्षाओं की तैयारी में जुटे 28 वर्षीय प्रथमेश देशमुख ने पुणे में खुदकुशी ली थी। पास से बरामद एक सुसाइड नोट में उस पर करीब 2.5 लाख रुपये के कर्ज का जिक्र था। इसके बाद CJP फडणवीस सरकार पर हमलावर हो गई। CJP ने कहा है कि देशमुख ने व्यवस्था, बेरोजगारी और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की आर्थिक स्थिति से परेशान होकर यह कठोर कदम उठाया। अभिजीत दीपके ने इस सप्ताह प्रथमेश देशमुख के घरवालों से मुलाकात भी की थी। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपके ने कहा कि देशमुख नौकरी पाने और अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालने के सपने के साथ पुणे गया था। उन्होंने कहा, ''उसने अपने खर्चों को पूरा करने के लिए दोस्तों से पैसे उधार लिए थे। लेकिन पेपर लीक और परिणामों में देरी के कारण छात्रों पर दबाव बढ़ता गया। यह व्यवस्था की गलती है और यह व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है।'’
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